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Gas Battery : हवा से होगी अब रोशनी! वैज्ञानिकों ने बनाई एयर पॉल्यूशन से बिजली बनाने वाली ‘गैस बैटरी’

Gas Battery: वैज्ञानिकों ने कमाल करते हुए एक नया डिवाइस बना लिया है, जो एयर पॉल्यूशन को बिजली में बदल सकता है. इस डिवाइस को गैस कैप्चर एंड इलेक्ट्रिसिटी जनरेटर (GCEC) नाम दिया गया है. यह कार्बन डाईऑक्साइड और नाइट्रोजन डाईऑक्साइड जैसी गैसों को कैप्चर कर उन्हें यूजेबल एनर्जी में बदल देता है. अगर आसान भाषा में समझा जाए तो यह एक गैस बैटरी है, जो गैस की मदद से बिजली पैदा करेगी. यह डिवाइस क्लाइमेट चेंज से लड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. यह न सिर्फ हवा से प्रदूषण को खत्म कर देगा बल्कि उसे बिजली जैसे एक वैल्यूबल रिसोर्स में भी बदल देगा.

इस डिवाइस में क्या नया है?

हवा से कार्बन डाइऑक्साइड को कैप्चर, यूटिलाइज और स्टोर करने की टेक्नोलॉजी पहले से मौजूद है. यह टेक्नोलॉजी इस जहरीली हवा को सोखकर स्टोर कर लेती है, जिससे यह वायुमंडल में प्रवेश नहीं कर पाती, लेकिन इस टेक्नोलॉजी को ऑपरेट करने के लिए काफी एनर्जी की जरूरत पड़ती है. इस कारण इसकी एफिशिएंसी पर भी सवाल उठते हैं और इसे यूज करना महंगा भी है. अब नई गैस बैटरी ने यह पूरा गेम ही बदल दिया है. यह गैस कैप्चर करने के लिए एनर्जी यूज करने की बजाय इस प्रोसेस से बिजली पैदा कर रही है.

कैसे काम करती है गैस बैटरी?

कार्बन डाईऑक्साइड और नाइट्रोजन डाईऑक्साइड जैसे पॉल्यूटेंट इस डिवाइस के कॉन्टैक्ट में आएंगे, वो इसके सरफेस से चिपक जाएंगे. इससे डिवाइस के अंदर चार्ज्ड पार्टिकल्स का मूवमेंट शुरू हो जाएगा. इससे बिना किसी एक्सटर्नल पावर सोर्स के इलेक्ट्रिसिटी का एक स्टेबल फ्लो शुरू हो जाएगा. इस डिवाइस को कॉर्बन बेस्ड मैटेरियल और हाइड्रोजेल से मिलाकर बनाया गया है. इस डिवाइस में पॉल्यूशन ही एक फ्यूल की तरह काम करता है, जिसकी मदद से बिजली पैदा होती रहती है.

कहां यूज हो सकती है गैस बैटरी?

इस गैस बैटरी को उन डिवाइसेस को पावर देने के लिए यूज किया जा सकता है, जिन्हें बहुत कम एनर्जी की जरूरत होती है. यह इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) डिवाइसेस को चलाने में भी काम आ सकती है, जिन्हें कम बिजली की जरूरत पड़ती है, लेकिन इनका यूज बढ़ता जा रहा है. इंडस्ट्री की बात करें तो ज्यादा धुंआ छोड़ने वाले प्लांट्स में इसका इस्तेमाल हो सकता है. यह प्रदूषण हटाने के साथ-साथ वहां एक्स्ट्रा पावर भी जनरेट करेगी. रिसर्चर का मानना है कि इससे सस्टेनेबल एनर्जी सिस्टम बनाने में मदद मिल सकती है और यह देशों को उनके कार्बन न्यूट्रल टारगेट को हासिल करने में हेल्प कर सकती है.पाकिस्तान क्रिकेट टीम का खिलाड़ी डोप टेस्ट में फंस गया है। इस बीच संभावना जताई जा ही है कि उसे कम से कम छह महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है। अब सवाल ये उठ रहे हैं ​​कि क्या पाकिस्तान के ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज ने ड्रग्स लेकर पाकिस्तान के लिए टी20 विश्व कप के मैच खेले थे। कुल मिलाकर जांच हो रही है और जल्द ही इस पर आखिरी फैसला लिया जाएगा।

मोहम्मद नवाज ड्रग्स टेस्ट में पाए गए पॉजिटिव

मोहम्मद नवाज पाकिस्तान के स्टार ऑलराउंडर माने जाते हैं। वे टी20 विश्व कप 2026 के दौरान बैन रिक्रिएशनल सब्सटेंस के लिए पॉजिटिव टेस्ट पाए गए हैं। नतीजतन उन्हें चेतावनी दी जा सकती है या फिर छह महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है। इस पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए आईसीसी ने पीसीबी यानी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से विस्तार से जांच के लिए कहा है। नवाज पर क्या एक्शन लिया जाएगा, ये चीज की क्वांटिटी पर निर्भर करेगा।

तो क्या बचाने की तैयारी कर है पाकिस्तान

इस बीच पाकिस्तान ने उनके बचाव के लिए भी लगता है कि रास्ता तैयार करना शुरू कर दिया है। द न्यूज की एक रिपोर्ट में पाकिस्तान एंटी डोपिंग ऑर्गनाइजेशन के फाउंडर चेयरमैन डॉ वकार अहमद के हवाले से कहा है कि मैच से बाहर रिक्रिएशनल सब्सटेंस के इस्तेमाल पर कोई सजा नहीं है। अगर मैच के दौरान इस तरह की चीजों का इस्तेमाल किया जाता है तो उसे चेतावनी से लेकर छह महीने तक के सस्पेंशन को भी झेलना पड़ सकता है। जानकारी मिली है कि पीसीबी के मेडिकल पैनल ने मामले में अपनी जांचकर आईसीसी को रिपोर्ट दे दी है। आईसीसी ही मामले पर आखिरी फैसला लेगा, क्योंकि टी20 विश्व कप 2026 का आयोजन आईसीसी की ओर से किया गया था। इसी के आधार पर नवाज का इंटरनेशनल करियर भी निर्भर करेगा।

अब तक ऐसा रहा है मोहम्मद नवाज का करियर

मोहम्मद नवाज के करियर की बात की जाए तो उन्होंने साल 2016 में अपने इंटरनेशनल करियर का डेब्यू किया था। अब तक छह टेस्ट खेलकर जहां उन्होंने 144 रन बनाए हैं, वहीं 16 विकेट भी लिए हैं। 44 वनडे मैच खेलकर नवाज ने 538 रन और 49 विकेट चटकाए हैं। टी20 इंटरनेशनल मैचों की बात करें तो वहां उन्होंने 98 मैच खेलकर 911 रन और 101 विकेट लिए हैं। अभी नवाज पीएसएल यानी पाकिस्तान सुपर लीग के मैच खेल रहे हैं, जहां उन्हें बहुत ज्यादा सफलता नहीं मिल पा रही है।

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