भारत में फिर बढ़ने लगा कोरोना का खतरा! : नया वैरिएंट NB.1.8.1 फैला रहा तेजी से संक्रमण, WHO भी चिंतित
admin Thu, May 29, 2025
नई दिल्ली | 29 मई 2025: एक बार फिर से भारत और अन्य एशियाई देशों में कोविड-19 संक्रमण का खतरा सिर उठाने लगा है। इस बार संक्रमण की वजह बना है कोरोना वायरस का नया वैरिएंट NB.1.8.1, जो ओमिक्रॉन का ही नया म्यूटेशन बताया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सभी देशों से सतर्कता बढ़ाने की अपील की है।
🔬 NB.1.8.1 वैरिएंट की तेजी से फैलती ताकत
कोविड-19 के इस नए वैरिएंट की सबसे खतरनाक बात इसकी फैलने की क्षमता (Transmissibility) है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस वैरिएंट की पॉजिटिविटी दर 11% से अधिक है, जो पिछले एक साल में किसी भी वैरिएंट की तुलना में अधिक मानी जा रही है। हालांकि, इससे अभी तक मौतों की संख्या चिंताजनक नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस वैरिएंट से कोई और म्यूटेशन निकला, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
🧬 ओमिक्रॉन की नई शाखा: इम्यूनिटी के बावजूद बढ़ रहा खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, NB.1.8.1 वैरिएंट ओमिक्रॉन का ही सब-वैरिएंट है। कोविड वैक्सीनेशन की वजह से भले ही लोगों के शरीर में कुछ हद तक इम्यूनिटी मौजूद है, लेकिन वायरस बार-बार म्यूटेट हो रहा है, जिससे यह इम्यून सिस्टम को चकमा देकर संक्रमण फैला रहा है। भारत में नई वैक्सीन की अभी कोई सिफारिश नहीं की गई है, जबकि अमेरिका जैसे देशों में बूस्टर डोज पर ज़ोर दिया जा रहा है।
💉 पुरानी वैक्सीन अभी भी प्रभावी, लेकिन सावधानी ज़रूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि पहले की कोविड वैक्सीन गंभीर लक्षण और मौत की संभावना को कम करने में अब भी प्रभावी है। यानी यदि कोई संक्रमित होता भी है, तो अस्पताल में भर्ती या मौत का खतरा पहले की तुलना में कम होता है। लेकिन यह मानकर चलना कि वैक्सीनेशन के बाद संक्रमण नहीं होगा, ग़लत धारणा है।
🌏 एशियाई देशों में बढ़ी चिंता, भारत भी चपेट में
WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2024 के बाद पहली बार कोविड पॉजिटिविटी रेट 11% तक पहुंची है। सिंगापुर, थाईलैंड, चीन के अलावा भारत में भी तेजी से केस बढ़ रहे हैं। भारत के दिल्ली-NCR, महाराष्ट्र, राजस्थान और कर्नाटक में NB.1.8.1 और JN.1 जैसे वैरिएंट के केस तेजी से सामने आ रहे हैं।
📢 WHO की चेतावनी: वैक्सीनेशन और स्क्रीनिंग बढ़ाएं
WHO ने सभी देशों को निर्देश दिया है कि वे बुजुर्गों, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों और कमजोर इम्यूनिटी वाले व्यक्तियों को जल्द से जल्द बूस्टर डोज उपलब्ध कराएं। साथ ही, स्क्रीनिंग, टेस्टिंग और ट्रैवल हिस्ट्री की मॉनिटरिंग को फिर से सख्ती से लागू करने की सलाह दी गई है।
🚨 किन लोगों को रहना चाहिए ज्यादा सतर्क
हृदय रोगी
मधुमेह (Diabetic) मरीज
किडनी या लिवर की पुरानी बीमारी वाले
बुजुर्ग और इम्यूनो-कंप्रोमाइज लोग
विशेषज्ञों का कहना है कि NB.1.8.1 और JN.1 जैसे वैरिएंट फ्लू जैसे लक्षणों के अलावा पेट संबंधी दिक्कतें जैसे उल्टी, दस्त और पेट दर्द भी दे रहे हैं। ऐसे में लोगों को सामान्य सर्दी-जुकाम को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
🔄 फिर लौटे कोरोना गाइडलाइंस: मास्क, सैनिटाइजर और दूरी जरूरी
हालांकि सरकार ने किसी भी नए प्रतिबंध की घोषणा नहीं की है, लेकिन विशेषज्ञों ने फिर से मास्क पहनना, भीड़ से बचना और हाथों की सफाई जैसे बुनियादी कोविड नियमों का पालन करने की सलाह दी है।
📊 निष्कर्ष: अलर्ट रहना ही सुरक्षा है
भारत में कोरोना का नया वैरिएंट फिलहाल डेल्टा या ओमिक्रॉन जितना घातक नहीं है, लेकिन इसकी संक्रमण दर बहुत अधिक है। ऐसे में लापरवाही नहीं, सतर्कता जरूरी है। आने वाले हफ्ते तय करेंगे कि यह नया वैरिएंट भारत के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकता है।
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