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NEET-JEE Exams : NEET-JEE में बड़ा बदलाव संभव! एडमिशन में बोर्ड परीक्षा के नंबरों को मिल सकता है 50% वेटेज

Media Yodha Desk Fri, Jul 3, 2026

NEET-JEE Exams: NEET और JEE जैसी बड़े एंट्रेंस एग्जाम्स में बड़ा बदलाव हो सकता है. सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि  इन परीक्षाओं के आधार पर होने वाले एडमिशन में अब बोर्ड परीक्षाओं के नंबरों को 50 फीसदी तक वेटेज देने पर विचार किया जा रहा है. अगर वाकई ऐसा होता है तो बोर्ड एग्जाम के नंबरों का महत्व काफी ज्यादा बढ़ जाएगा. बताया गया है कि इस बदलाव पर इसलिए विचार किया जा रहा है, क्योंकि किसी एक परीक्षा के भारी दबाव और तनाव को कम किया जा सके. अब तक छात्र बोर्ड परीक्षा से ज्यादा नीट और JEE पर ध्यान देते आए हैं, लेकिन अगर बोर्ड के नंबरों को वेटेज मिलता है तो पूरा समीकरण ही बदल जाएगा.

पेपर लीक की खबरों के बीच बड़े बदलाव की तैयारी?

हाल ही में हुई पेपर लीक की घटनाओं और परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच ये कदम उठाए जाने की तैयारी हो रही है. भारत में मौजूदा परीक्षा प्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, ऐसे में अगर उन परीक्षाओं के वेटेज को कम किया जाए, जिनके लिए मारामारी है तो ये कदम काफी कारगर साबित हो सकता है. साउथ के कई राज्य लगातार ये बात कह चुके हैं. तमिलनाडु के सीएम जोसेफ विजय ने कई बार ये कहा है कि नीट में एडमिशन 12वीं के नंबरों के आधार पर होना चाहिए.

हो सकते हैं कई तरह के बदलाव 

सूत्र ने ये जानकारी देते हुए बताया, "जिन बदलावों पर विचार किया जा रहा है, उनमें एडमिशन या मेरिट लिस्ट तैयार करने में बोर्ड के नंबरों को 50 प्रतिशत वेटेज देना, कोचिंग सेंटरों पर छात्रों की निर्भरता कम करने के लिए प्रवेश परीक्षाओं के सिलेबस को स्कूल के सिलेबस से बेहतर तरीके से जोड़ना, परीक्षा के लिए कई मौके देना और धीरे-धीरे कंप्यूटर आधारित ऑन-डिमांड टेस्ट की तरफ बढ़ना शामिल है."

अभी कैसे होता है एडमिशन?

फिलहाल जो व्यवस्था चल रही है, उसमें मेडिकल के लिए नीट और इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए जेईई परीक्षा देनी होती है. इन परीक्षाओं में मिले स्कोर और कटऑफ के आधार पर ही एडमिशन मिलता है. इन एंट्रेंज एग्जाम्स में बैठने के लिए जरूरी पासिंग मार्क्स लाने होते हैं. अब इसी सिस्टम में सुधार के लिए शिक्षा मंत्रालय की एक नौ सदस्यीय कमेटी विचार कर रही है. ये वही कमेटी है, जिसका गठन पिछले साल कोचिंग पर लगातार बढ़ती निर्भरता और डमी स्कूलों के चलन पर निगरानी के लिए किया गया था.

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