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भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ी : INS महेंद्रगिरि बना पाकिस्तान के लिए बड़ा खतरा

Media Yodha Desk Sat, May 2, 2026

नई दिल्ली : पूरी तरह से स्वदेशी और अत्याधुनिक तकनीक से लैस है युद्धपोत ‘महेंद्रगिरि’ को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया। इससे भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत में बड़ा इजाफा हुआ। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने इस युद्धपोत को तैयार किया है। नीलगिरि-श्रेणी (प्रोजेक्ट 17ए) का यह छठा युद्धपोत है। खास बात यह है कि इसका निर्माण पूरी तरह भारत में हुआ है, जो ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूती देता है। यह युद्धपोत आधुनिक तकनीकों से लैस है। इसे दुश्मन की नजरों से बचने यानी स्टेल्थ क्षमता के साथ डिजाइन किया गया है। समुद्र में यह लंबे समय तक टिक सकता है और कई तरह के मिशन संभालने में सक्षम है।

आठ ब्रह्मोस मिसाइलें तैनात

जानकारी के मुताबिक, इस युद्धपोत को खास तौर पर खतरनाक बनाती हैं इसकी हथियार प्रणालियां। इसमें दूर तक मार करने वाली आठ ब्रह्मोस मिसाइलें तैनात हैं। इसके अलावा सतह से सतह पर मार करने वाली बराक मिसाइल प्रणाली भी मौजूद है। पनडुब्बियों से निपटने के लिए इसमें टॉरपीडो और रॉकेट लॉन्चर लगाए गए हैं, जो इसे उन्नत युद्ध क्षमता से लैस बनाते हैं।

क्या है स्टेल्थ तकनीक

‘स्टेल्थ’ तकनीक का मतलब है छिपने की कला। इससे बने युद्धपोतों को दुश्मन के रडार आसानी से पकड़ नहीं पाते। महेंद्रगिरि भी इसी तकनीक से बना है। ‘फ्रिगेट’ मझोले आकार के युद्धपोत होते हैं, जो तेज रफ्तार और ताकतवर हथियारों से लैस होते हैं।

क्या होगा फायदा

महेंद्रगिरि के नौसेना में शामिल होने से समुद्री सुरक्षा काफी मजबूत होगी। यह युद्धपोत समुद्र में दूर तक नजर रखने और दुश्मनों को रोकने में मदद करेगा। इसके अत्याधुनिक हथियार व सेंसर नौसेना की मारक क्षमता को बढ़ाएंगे। हिंद महासागर में भारत की स्थिति और भी मजबूत होगी।

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