India Boycott Turkey : पाकिस्तान को समर्थन देने पर भारत ने तुर्किये के खिलाफ उठाए कड़े कदम
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान और POK स्थित आतंकी ठिकानों पर जोरदार सैन्य कार्रवाई की। भारत की इस जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने भी ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया, लेकिन भारत ने इन हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया। भारत के सैन्य बलों ने पाकिस्तान के चीन और तुर्किये निर्मित हथियारों को महज तिनके की तरह ध्वस्त कर दिया। जबकि विश्व के कई देश भारत के साथ खड़े नजर आए, वहीं तुर्किये और चीन ने पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया, जिससे भारतीयों में आक्रोश फैल गया है।
तुर्किये के पाकिस्तान समर्थन पर भड़के भारतीय, सोशल मीडिया पर #BoycottTurkey ट्रेंड
भारत में तुर्किये द्वारा पाकिस्तान के साथ खड़े होने को लेकर जनता में गहरा रोष है। सोशल मीडिया पर #BoycottTurkey हैशटैग ट्रेंड कर रहा है। देशभर में लोग तुर्की से आने वाले सामानों, सेवाओं और पर्यटन को बहिष्कार करने की मांग कर रहे हैं। ट्रैवल इंडस्ट्री में भी इसका असर देखने को मिल रहा है — Ixigo, EaseMyTrip जैसे प्रमुख ट्रैवल पोर्टल्स ने तुर्की की फ्लाइट्स और होटल बुकिंग्स को निलंबित कर दिया है।
भारतीय बाजारों से गायब हुए तुर्की सेब, व्यापारियों ने किया पूर्ण बहिष्कार
तुर्किये के विरोध में भारतीय व्यापारियों ने सबसे पहला कदम सेबों के आयात को लेकर उठाया। अब तक तुर्की से आयात होने वाले सेब देश के कई हिस्सों में लोकप्रिय थे, लेकिन अब ये सेब बाजारों से पूरी तरह गायब हो चुके हैं। विशेष रूप से पुणे, दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में व्यापारियों ने तुर्की से सेबों के आयात और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
अब बाजार में तुर्की की जगह हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ईरान, न्यूजीलैंड और वाशिंगटन से आयातित सेबों को प्राथमिकता दी जा रही है। तुर्की से व्यापार ठप होने के बाद ईरानी सेबों की कीमतों में 200-300 रुपये प्रति 10 किलोग्राम की बढ़ोत्तरी देखी गई है। रिटेल बाजार में यह बढ़ोतरी 20-30 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुकी है।
व्यापार जगत ने दिया रणनीतिक संदेश, भारत हर मोर्चे पर तैयार
भारत के व्यापारिक समुदाय ने इस बहिष्कार को केवल आर्थिक नहीं, बल्कि एक रणनीतिक और राष्ट्रीय हित से जुड़ा कदम बताया है। व्यापारियों का कहना है कि यह भारत की ओर से एक स्पष्ट संदेश है कि हम आतंकवाद का समर्थन करने वाले किसी भी देश के साथ व्यावसायिक संबंध नहीं रखेंगे। यह कूटनीतिक और आर्थिक दबाव भारत की वैश्विक नीति में "शून्य सहिष्णुता" की पुष्टि करता है।
भारत की चेतावनी: आतंकवाद के समर्थन की कीमत चुकानी पड़ेगी
पाकिस्तान के पक्ष में खड़े होकर तुर्किये ने एक बार फिर दिखा दिया है कि वह आतंकवाद को लेकर दोहरे मापदंड अपनाता है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल सैन्य ही नहीं, बल्कि आर्थिक और वैश्विक मंचों पर भी जवाब देने में सक्षम है। तुर्किये के खिलाफ उठाए गए ये कदम इस बात का संकेत हैं कि भारत अब अपने विरोधियों को हर स्तर पर कड़ा संदेश देने के लिए तैयार है।
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन