Snake Bite : सांप काट ले तो घबराएं नहीं, तुरंत करें ये काम; पहला घंटा बचा सकता है मरीज की जान
Snake Bite: बारिश और मानसून का मौसम आते ही खेतों, बगीचों, झाड़ियों और यहां तक कि घरों के अंदर भी सांप निकलने की घटनाएं काफी बढ़ जाती हैं. इस मौसम में अक्सर सर्पदंश यानी सांप काटने के दर्दनाक मामले सामने आते हैं. कई बार लोग घबराहट में या झाड़-फूंक के चक्कर में मरीज को अस्पताल ले जाने में देरी कर देते हैं, जिससे जान पर बन आती है. बारिश और मानसून में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे Snake Bite यानी सर्पदंश के मामले भी सामने आते हैं. उत्तर प्रदेश NHM की नई एडवाइजरी के अनुसार सांप काटने के बाद पहला 1 घंटा सबसे अहम होता है. ऐसे में जानना जरूरी है कि सांप काटने पर क्या करें, कौन से लक्षण दिखते हैं और किन गलतियों से बचना चाहिए. इसी खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने आम लोगों के लिए एक अहम एडवाइजरी जारी की है. साफ कहा गया है कि सांप के काटने पर शुरुआती 1 घंटा सबसे क्रिटिकल यानी 'गोल्डन ऑवर' होता है. अगर इसी समय मरीज को सही इलाज मिल जाए तो जान बचना लगभग तय है.
सांप काटने के लक्षण कैसे पहचानें?
जब भी किसी को सांप काटता है, तो शरीर पर तुरंत कुछ खास असर दिखने लगते हैं:
डंक वाली जगह पर दो छोटे गोल छेद के निशान दिखना.
घाव से खून का बहना या हल्का पानी जैसा रिसना.
काटे गए हिस्से पर बहुत तेज दर्द, भारी सूजन और जलन होना.
मरीज को सांस लेने में भारी तकलीफ या घबराहट होना.
त्वचा का रंग नीला, काला या फीका पड़ने लगना.
आवाज में भारीपन, लड़खड़ाहट या बेहोशी छाने लगना.
सांप काटने पर तुरंत क्या करें?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार सांप काटने के तुरंत बाद ये कदम उठाने चाहिए:
मरीज को शांत रखें: डरने से दिल की धड़कन तेज होती है और जहर खून में तेजी से फैलता है. उसे भरोसा दिलाएं कि हर सांप जहरीला नहीं होता.
टाइट चीजें तुरंत उतारें: डंक वाले हाथ या पैर से अंगूठी, घड़ी, कड़ा, पायल या टाइट कपड़े तुरंत निकाल दें, क्योंकि सूजन तेजी से बढ़ती है.
मरीज का हिलना-डुलना बंद कराएं: जिस अंग पर सांप ने काटा है, उसे बिल्कुल स्थिर रखें ताकि जहर न फैले.
करवट दिलाकर लिटाएं: अगर मरीज को उल्टी जैसा महसूस हो, तो उसे बाईं करवट (रिकवरी पोजीशन) में लिटाएं ताकि सांस की नली बंद न हो.
बिना देरी अस्पताल भागें: मरीज को तुरंत किसी नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं जहां एंटी-वेनम उपलब्ध हो.
सांप काटने के बाद कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए?
अक्सर देहात और कस्बों में लोग पुरानी गलत धारणाओं में फंस जाते हैं, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ जाती है:
झाड़-फूंक या तांत्रिक के चक्कर में एक मिनट भी समय बर्बाद न करें.
डंक वाली जगह पर चीरा न लगाएं और न ही मुंह से जहर चूसने की कोशिश करें.
घाव पर कोई देसी जड़ी-बूटी, गोबर या मिट्टी जैसी चीजें न बांधें.
रस्सी या कपड़े को बहुत ज्यादा कसकर न बांधें, इससे खून का दौरा पूरी तरह रुक सकता है और अंग काटना पड़ सकता है.
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक सांप के जहर का एकमात्र पक्का इलाज एंटीवेनम इंजेक्शन ही है. सरकारी अस्पतालों में यह पूरी तरह मुफ्त मिलता है. इसलिए अफवाहों से बचें और लक्षण दिखते ही तुरंत डाक्टर की मदद लें.
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