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नई दिल्ली : आंध्र प्रदेश शराब घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने दो पूर्व अधिकारियों को अग्रिम जमानत देने से किया इनकार

admin Sat, May 17, 2025

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के बहुचर्चित शराब घोटाले में आरोपी पी. कृष्ण मोहन रेड्डी और के. धनंजय रेड्डी को गिरफ्तारी से संरक्षण देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि सिर्फ राजनीतिक प्रतिशोध का तर्क, अग्रिम जमानत देने का आधार नहीं बन सकता, खासकर जब जांच एजेंसियों के पास प्रथम दृष्टया साक्ष्य मौजूद हों।


🧾 क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?

  • न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने कहा:

    "जांच एजेंसी अगर हिरासत में पूछताछ करना चाहती है, तो अग्रिम जमानत देना जांच में बाधा हो सकता है।"

  • पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि

    "कोर्ट को रिकॉर्ड में मौजूद तथ्यों और साक्ष्यों को नजरअंदाज कर केवल राजनीतिक द्वेष के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती।"

  • कोर्ट ने आगे कहा कि

    "उच्च न्यायालय पहले ही इस मामले को देखकर अग्रिम जमानत से इनकार कर चुका है, और सुप्रीम कोर्ट को उस आदेश में हस्तक्षेप का कोई कारण नहीं दिखता।"


👨‍💼 कौन हैं आरोपी?

  • पी. कृष्ण मोहन रेड्डी और के. धनंजय रेड्डी

  • दोनों वाईएसआरसीपी सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी के कार्यालय में काम कर चुके हैं

  • आरोप है कि इन अधिकारियों की भूमिका 3,000 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले में रही है


⚖️ वकीलों की दलीलें:

✔️ बचाव पक्ष (अभिषेक मनु सिंघवी, विकास सिंह और एम.ए. नाज़की)

  • आरोपियों को राजनीतिक द्वेष के तहत फंसाया गया है

  • वे सेवानिवृत्त लोक सेवक हैं, जिनका इस घोटाले से प्रत्यक्ष लेना-देना नहीं है

  • हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है

❌ राज्य सरकार (मुकुल रोहतगी, सिद्धार्थ लूथरा, सिद्धार्थ अग्रवाल)

  • घोटाले की राशि 3,000 करोड़ रुपये तक है

  • प्रथम दृष्टया मामला बनता है

  • हिरासत में पूछताछ आवश्यक, ताकि सच्चाई सामने आ सके


🔒 सुप्रीम कोर्ट की सख्त हिदायत:

  • राज्य सरकार को निर्देश:

    "जांच के दौरान थर्ड डिग्री तकनीक का इस्तेमाल न हो"

  • कोर्ट ने कहा:

    "अगर भविष्य में कोई अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो उच्च न्यायालय या सुप्रीम कोर्ट गंभीरता से विचार करेगा"


क्या है आंध्र प्रदेश शराब घोटाला?

  • हजारों करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन के गलत इस्तेमाल का आरोप

  • आरोप है कि सरकारी शराब नीति में अनियमितताओं के जरिए निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया

  • ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियां मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार की जांच कर रही हैं

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