Chhattisgarh : गुपचुप खाने से बिगड़ी 7 लोगों की तबीयत, 6 साल के बच्चे समेत पूरा परिवार अस्पताल में भर्ती
Media Yodha Desk Tue, Oct 20, 2026
बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में दुर्गा दर्शन के बाद गुपचुप खाना एक परिवार के लिए भारी पड़ गया। सीएमडी कॉलेज मैदान में लगे मेले में गुपचुप खाने के कुछ देर बाद एक ही परिवार के सात सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को पेट दर्द, मरोड़ और उल्टियां होने लगीं। हालत गंभीर होने पर उन्हें छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उपचार जारी है। चिकित्सकों ने शुरुआती तौर पर फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है। बीमार लोगों में महिलाएं, युवक और बच्चे शामिल हैं। इनमें सबसे कम उम्र का छह वर्षीय शिवांश साहू भी है।
दुर्गा प्रतिमाओं के दर्शन के बाद मेले में खाया गुपचुप
जानकारी के मुताबिक, ग्राम परसदा निवासी साहू परिवार रविवार देर रात मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन करने बिलासपुर पहुंचा था। शहर के अलग-अलग दुर्गा पंडालों में दर्शन करने के बाद परिवार रात करीब 12 बजे सीएमडी कॉलेज मैदान पहुंचा। यहां दुर्गा प्रतिमा के दर्शन करने के बाद सभी मेले में घूमने लगे।
इसी दौरान परिवार के सदस्यों ने एक ठेले से गुपचुप खाया। शुरुआत में किसी को कोई परेशानी महसूस नहीं हुई, लेकिन कुछ देर बाद परिवार के लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी।
पेट दर्द और उल्टियों से मचा हड़कंप
परिवार के सदस्य जब वापस लौटने की तैयारी कर रहे थे, तभी एक-एक कर उन्हें पेट में दर्द और मरोड़ की शिकायत होने लगी। इसके बाद कई लोगों को लगातार उल्टियां होने लगीं। देखते ही देखते परिवार के सभी सात सदस्य बीमार पड़ गए।
एक साथ इतने लोगों की तबीयत बिगड़ने से मेले में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने आयोजन समिति को इसकी जानकारी दी। इसके बाद सभी पीड़ितों को इलाज के लिए सिम्स ले जाया गया।
सिम्स में उपचार जारी, फूड पॉइजनिंग की आशंका
अस्पताल में डॉक्टरों ने सभी सात लोगों की जांच कर उपचार शुरू किया। सिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह के अनुसार, गुपचुप खाने के बाद एक ही परिवार के सात लोग बीमार हुए हैं। सभी का इलाज किया जा रहा है।
एक ही खाद्य पदार्थ खाने के बाद परिवार के सदस्यों में मिलते-जुलते लक्षण सामने आने से फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई है। हालांकि, बीमारी की वास्तविक वजह जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
गुपचुप के पानी और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल
घटना के बाद गुपचुप तैयार करने में इस्तेमाल किए गए पानी, मसालों और अन्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक आशंका है कि दूषित पानी या खराब खाद्य सामग्री की वजह से परिवार के सदस्य बीमार हुए होंगे। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
बताया जा रहा है कि संबंधित ठेले पर इस्तेमाल की गई खाद्य सामग्री के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजने की बात सामने आई है। जांच के नतीजों से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बीमारी की वजह क्या थी। साथ ही, यह पता लगाना भी जरूरी है कि उसी ठेले से गुपचुप खाने वाले अन्य लोगों को कोई परेशानी हुई या नहीं।
त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा पर उठे सवाल
नवरात्रि और अन्य त्योहारों के दौरान दुर्गा पंडालों, मेलों और बाजारों में खाने-पीने के ठेलों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। गुपचुप, चाट, समोसा और अन्य स्ट्रीट फूड की बिक्री भी बढ़ जाती है। ऐसे में साफ-सफाई, स्वच्छ पानी और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
बिलासपुर की इस घटना के बाद मेला स्थलों और बाजारों में खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन तथा दुकानों की नियमित जांच की जरूरत पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि खाद्य सुरक्षा विभाग खाने-पीने के ठेलों का निरीक्षण करे और नियमों का पालन सुनिश्चित कराए।
स्ट्रीट फूड खाते समय रखें सावधानी
खुले में रखे खाद्य पदार्थ, दूषित पानी और अस्वच्छ तरीके से तैयार किया गया भोजन पेट संबंधी संक्रमण का कारण बन सकता है। ऐसे में स्ट्रीट फूड खाते समय साफ-सफाई और सामग्री की गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है।
खाना खाने के बाद लगातार उल्टियां, पेट दर्द, दस्त या कमजोरी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। बच्चों में शरीर में पानी की कमी तेजी से हो सकती है, इसलिए उनकी स्थिति पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
फिलहाल साहू परिवार के सातों सदस्यों का सिम्स में उपचार किया जा रहा है। गुपचुप खाने के बाद हुई इस घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
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