8th July 2026

BREAKING NEWS

इन राशियों पर बरसेगी किस्मत, व्यापार में होगा बड़ा लाभ, अटके काम होंगे पूरे; जानिए मेष से मीन राशि तक सभी राशियों का विस

मुंगेली पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल चाकू भी किया बरामद

‘उनकी तरफ अट्रैक्शन…’ तलाक के बाद आकांक्षा चमोला का बड़ा बयान, बाइसेक्शुअल होने का किया खुलासा

हर भारतीय के फोन में होने चाहिए ये 5 WhatsApp नंबर, मिनटों में सुलझेंगी बड़ी परेशानियां

वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड में 444 पदों पर भर्ती, जानिए योग्यता, वेतन और जरूरी जानकारी

Advertisment

Iran Protest : प्रदर्शनकारियों पर ईरान का कड़ा रुख, सरकार बोली - ‘खुदा के दुश्मन हैं, मिलेगी मौत की सजा’

Media Yodha Desk Sun, Jan 11, 2026

Iran Protest: ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच अटॉर्नी जनरल, मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले किसी भी व्यक्ति को 'खुदा का दुश्मन' माना जाएगा। यह एक ऐसा आरोप है जिसके लिए ईरानी कानून के में मौत की सजा का प्रावधान है। ईरानी सरकारी टेलीविजन पर दिए गए बयान में कहा गया है कि जो लोग 'दंगाइयों की मदद करेंगे' उन्हें भी इसी आरोप का सामना करना पड़ेगा।

क्या कहता है कानून?

ईरानी कानून के आर्टिकल 186 में कहा गया है कि अगर कोई समूह या संगठन इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ हथियारबंद विरोध करता है, तो उसके सभी सदस्यों या समर्थकों को, जो जानबूझकर उसके मकसद में मदद करते हैं, 'मोहारेब' (अल्लाह का दुश्मन) माना जा सकता है, भले ही वो व्यक्तिगत रूप से हथियारबंद गतिविधियों में हिस्सा ना लें। कानून के अनुच्छेद 190 में 'मोहारेब' के लिए बताई गई सजा बेहद कड़ी हैं। इनमें फांसी, दाहिना हाथ और बायां पैर काटना या स्थायी निर्वासन शामिल है।

'कोई नरमी या दया नहीं'

अमेरिका की ओर से लगातार दी रही चेतावनियों के बीच बयान में कहा गया है, "सरकारी वकीलों को सावधानी से और बिना किसी देरी के, आरोप पत्र जारी करके, उन लोगों के खिलाफ मुकदमे और निर्णायक फैसले के लिए जमीन तैयार करनी चाहिए, जो देश के साथ विश्वासघात करके और असुरक्षा पैदा करके, देश पर विदेशी प्रभुत्व चाहते हैं।" बयान में यह भी कहा गया है कि कार्रवाई बिना किसी नरमी, दया या रियायत के होनी चाहिए।

पहलवी ने की लोगों से अपील

ईरान में हालात को देखते हुए निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने विरोध प्रदर्शनों का आह्वान किया और प्रदर्शनकारियों से सड़कों पर आने की अपील की है। इसमें ईरान का पुराना शेर-और-सूरज वाला झंडा और शाह के समय के अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर "सार्वजनिक जगहों पर कब्जा करने" के लिए कहा गया है।

ईरान में क्यों शुरू हुए विरोध प्रदर्शन

ईरान में विरोध प्रदर्शन इस्लामिक रिपब्लिक के प्रति जनता के असंतोष के रूप में शुरू हुए, जब दिसंबर 2025 के आखिर में ईरानी रियाल मुद्रा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई। इसके बाद से विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ता गया है और अब ये सरकार विरोधी प्रदर्शनों में बदल गए हैं।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन