9th May 2026

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: 9 करोड़ के गबन के आरोपी SDO संजय ग्रायकर गिरफ्तार: एक साल बाद पुलिस को मिली बड़ी सफलता

बलरामपुर: छत्तीसगढ़ में जल संसाधन विभाग से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले के मुख्य आरोपी और फरार SDO (सहायक प्रखंड अधिकारी) संजय ग्रायकर को पुलिस ने रायगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले एक साल से फरार चल रहा था और पुलिस की नजरों से बचने के लिए छिपकर रह रहा था। यह मामला बलरामपुर जिले के रामानुजगंज जल संसाधन विभाग क्रमांक 2 का है। साल 2023 में तत्कालीन कार्यपालन अभियंता एनसी सिंह ने रामानुजगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, एसडीओ संजय ग्रायकर ने विभागीय सहकर्मियों की मदद से सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर कर करीब 8 करोड़ 87 लाख 54 हजार 524 रुपये का गबन किया। आरोप है कि संजय ग्रायकर ने शासकीय भू अर्जन की राशि को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ठेकेदारों और अपने करीबी रिश्तेदारों को बिना कोई कार्य किए भुगतान कर दिया। इस घोटाले में अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता भी पाई गई थी, जिन्होंने ग्रायकर का सहयोग किया।

कैसे हुई गिरफ्तारी?

रामानुजगंज पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि संजय ग्रायकर रायगढ़ में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस ने रायगढ़ में छापेमारी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के लिए कई बार आरोपी के ठिकानों पर छापे मारे गए थे, लेकिन वह हर बार बच निकलता था। इस बार पुलिस की टीम ने पूरी योजना के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया।

एक साल से फरार था आरोपी

घोटाले के खुलासे के बाद से संजय ग्रायकर फरार था। पुलिस और प्रशासन ने उसे पकड़ने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन वह लगातार स्थान बदलकर बचता रहा। उसकी गिरफ्तारी बलरामपुर पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।

कैसे हुआ घोटाला?

संजय ग्रायकर ने जल संसाधन विभाग के तहत भू अर्जन की राशि का दुरुपयोग किया। उन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार किए और बिना किसी कार्य के ठेकेदारों व अपने निजी संबंधियों को भुगतान किया। इस घोटाले में शामिल अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सके।

पुलिस का बयान

पुलिस ने बताया कि इस मामले में और भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं। संजय ग्रायकर से पूछताछ के दौरान पता लगाया जा रहा है कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

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