लोरमी (छत्तीसगढ़) : लोरमी अपहरणकांड पर गरमाई सियासत, कांग्रेस की 'बेटी बचाओ न्याय यात्रा', थाने का घेराव कर पुलिस से झड़प
लोरमी थाना क्षेत्र में 7 साल की मासूम बच्ची के अपहरण कांड के खिलाफ सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस मामले में सरकार और पुलिस प्रशासन को घेरते हुए 'बेटी बचाओ न्याय यात्रा' निकाली, जिसका नेतृत्व खुद पीसीसी चीफ दीपक बैज ने किया।
😡 9 दिन बाद भी बच्ची लापता, पुलिस खाली हाथ
दीपक बैज ने कहा कि घटना को 9 दिन बीत चुके हैं लेकिन पुलिस के हाथ अब तक कोई ठोस सुराग नहीं लगा है।
"लोरमी की 7 साल की बच्ची अब तक नहीं मिली है। ये प्रदेश की गिरती कानून व्यवस्था का जीता-जागता उदाहरण है," — दीपक बैज, पीसीसी चीफ
🚶♀️ 'बेटी बचाओ न्याय यात्रा' में उमड़ा जनसैलाब
अपहृत बच्ची के गांव से शुरू होकर मार्च लोरमी थाना तक पहुंचा
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस थाने का घेराव किया
महिला कांग्रेस, युवक कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए
करीब 10 किलोमीटर लंबी पदयात्रा के दौरान लगे नारे: "बेटी को न्याय दो", "गिरफ्तारी दो", "सरकार जवाब दो"
🛑 थाने के बाहर पुलिस से झड़प, कई घायल
थाने का घेराव करते समय कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झूमाझटकी हुई।
कुछ कार्यकर्ताओं को हल्की चोटें भी आई हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस तंत्र फेल हो चुका है और सरकार सिर्फ दिखावटी कार्रवाई कर रही है।
🗨️ कांग्रेस का सीधा वार — "गुंडों से डर रही है पुलिस"
"आज अपराधी बेखौफ हैं और पुलिस बैकफुट पर है। बच्चियों के खिलाफ हो रहे अपराध बढ़ते जा रहे हैं, यह बेहद चिंताजनक है। हम इस बच्ची को न्याय दिलाकर ही रुकेंगे
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