25th June 2026

BREAKING NEWS

महतारी वंदन योजना को लेकर बड़ी अपडेट, फिर जुड़ सकेंगे नए नाम, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताई पोर्टल खुलने की तारीख

16 राज्यों में 80 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी

रिजल्ट से असंतुष्ट छात्र अब क्षेत्रीय कार्यालय में करवा सकेंगे उत्तरपुस्तिका की जांच

रायगढ़ में बम की तरह फटा AC, धमाके में पिता की मौत, बेटा गंभीर रूप से घायल

युवाओं को मिलेगा नया अवसर

Advertisment

सिमगा बलौदाबाजार : बलौदाबाजार में अवैध आरामिल पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में कीमती लकड़ी जब्त

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के सिमगा क्षेत्र में वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गौतम ट्रेडिंग कंपनी के नाम से अवैध रूप से संचालित एक आरामिल को सील कर दिया है। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में लट्ठा, चिरान और जलाऊ लकड़ी बरामद की गई, जिसे देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।


🪓 राजीव ताम्रकार चला रहा था 'जंगल लूट' की फैक्ट्री

इस अवैध मिल का संचालन राजीव ताम्रकार नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था, जो कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से देखा कि मिल में रखी गई लकड़ी की कोई कानूनी अनुमति या रजिस्ट्रेशन मौजूद नहीं था।


🚨 डीएफओ के निर्देश पर छापेमारी, मिल को किया गया सील

वनमंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई की अगुवाई उप वनमंडलाधिकारी गोविंद सिंह ठाकुर और वन परिक्षेत्र अधिकारी बलौदाबाजार ने की। कार्रवाई के तहत मिल में पाई गई सभी लकड़ियों को जब्त करते हुए पूरी आरामिल को सील कर दिया गया है।


📜 कानूनी कार्रवाई: 1984 अधिनियम के तहत मामला दर्ज

आरा मिल संचालक के खिलाफ छत्तीसगढ़ काष्ठ चिरान अधिनियम 1984 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध लकड़ी कारोबारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।


📢 डीएफओ का चेतावनी भरा संदेश: “अब कोई नहीं बचेगा”

डीएफओ गणवीर धम्मशील ने कहा:

“बलौदाबाजार जिले में कोई भी अवैध काष्ठ कारोबार अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने सभी रेंज अधिकारियों को सतर्क रहने और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जंगल की संपत्ति को लूटने वालों के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति है।”


👥 जागरूक नागरिकों से अपील

वन विभाग ने आम जनता से भी अपील की है:

“अगर किसी को अवैध लकड़ी कटाई, शिकार, तस्करी या जंगल से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें। आपकी सतर्कता ही जंगलों को सुरक्षित रख सकती है।”

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन