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: हेमंत सोरेन को उच्च न्यायालय से मिली जमानत

admin Sat, Jun 29, 2024

झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को झारखंड उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति रोंगोन मुखोपाध्याय की एकल पीठ ने सोरेन को 50,000 रुपये के मुचलके और समान राशि के दो जमानतदारों पर जमानत दी है।

अदालती कार्यवाही और वकील की दलीलें

सोरेन के वकील अरूणाभ चौधरी ने पीटीआई को बताया कि अदालत ने प्रारंभिक तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री को दोषी नहीं पाया है। उन्होंने कहा "अदालत ने माना कि प्रारंभिक तौर पर वे दोषी नहीं हैं  | और जमानत पर रहते हुए उनके द्वारा अपराध करने की कोई संभावना नहीं है।"

गिरफ्तारी और जमानत की स्थिति

48 वर्षीय हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 31 जनवरी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। तब से वे रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद थे। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान, ईडी के प्रतिनिधि एसवी राजू ने जमानत याचिका का विरोध किया। उनका तर्क था कि सोरेन एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और उन्होंने पहले भी राज्य मिशनरी का उपयोग कर खुद को बचाने की कोशिश की थी। राजू ने कहा, "यदि उन्हें जमानत दी जाती है, तो वे राज्य मशीनरी का दुरुपयोग कर जांच में बाधा डाल सकते हैं।"
 आरोप और बचाव
ईडी ने दावा किया कि सोरेन का झारखंड के बरगैन में स्थित जमीन पर बैंक्वेट हॉल बनाने का योजना थी। ईडी ने आरोप लगाया कि सोरेन के आर्किटेक्ट मित्र विनोद सिंह ने इस योजना का नक्शा मोबाइल के माध्यम से उन्हें भेजा था। सर्वेक्षण के दौरान सिंह ने बरगैन में जमीन की पहचान की और बयान में स्वीकार किया | कि उन्होंने यह जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर दी थी। पाठ्यक्रम में आपातकाल पर अध्याय शामिल
सोरेन का पक्ष
सोरेन के वकीलों ने अदालत में बताया कि ईडी के आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है | और उन्हें राजनीति से प्रेरित होकर फंसाया गया है। वकील ने तर्क दिया कि सोरेन का किसी प्रकार के अपराध में संलिप्त होने का कोई प्रमाण नहीं है | और वे सभी आरोपों से निर्दोष हैं।
 न्यायालय का निर्णय
न्यायालय ने सभी तथ्यों और तर्कों को सुनने के बाद सोरेन को जमानत देने का निर्णय लिया। यह निर्णय उनके और उनके समर्थकों के लिए एक बड़ी राहत साबित हुआ है। अदालत ने माना कि सोरेन के जमानत पर रहते हुए कोई अपराध करने की संभावना नहीं है। इस मामले में हेमंत सोरेन की जमानत मिलना एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। यह न केवल उनकी राजनीतिक करियर के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि उनके समर्थकों और पार्टी के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है। इस निर्णय ने उनके समर्थकों में एक नई ऊर्जा का संचार किया है | और उनके खिलाफ लगे आरोपों को चुनौती देने का अवसर दिया है। सोरेन की जमानत से उनके राजनीतिक भविष्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है। इस प्रकार, हेमंत सोरेन का मामला एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है  | और उनके खिलाफ चल रही जांच और कानूनी प्रक्रियाओं का अनुसरण करना महत्वपूर्ण रहेगा। न्यायालय का यह निर्णय उनके लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है | और उन्हें अपने राजनीतिक और सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने में मदद करेगा।

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