बीते दिनों नक्सलियों का एक शांति वार्ता का पर्चा मिला था. : नक्सलियों की अपील पर बस्तर IG का जवाब: कर्रेगट्टा की पहाड़ियों पर शांति की अपील या डर की चाल?
नक्सलियों ने एक पर्चा जारी कर आम लोगों से अपील की है कि वे कर्रेगट्टा की पहाड़ियों पर न जाएं।
उनका दावा है कि यह इलाका अब "संघर्ष की जमीन" बन चुका है और यहां आम नागरिकों की जान को खतरा है।
👉 हालांकि सुरक्षा बलों ने इसे “डर फैलाने की साजिश” बताया है।
🎙️ बस्तर IG सुंदरराज पी. का बयान:
“कर्रेगट्टा इलाके में सुरक्षाबलों की सघन मौजूदगी से नक्सली बौखलाए हुए हैं।
आम लोगों से अपील है कि वे न घबराएं, सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं।
यह क्षेत्र अब विकास की राह पर है, डर की नहीं।”
🔍 क्या है कर्रेगट्टा का महत्व?
अबूझमाड़ के प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है
बीते कुछ महीनों में कई मुठभेड़ और सर्च ऑपरेशन यहीं हुए
सड़क निर्माण और प्रशासन की पहुंच से नक्सली बैकफुट पर हैं
⚠️ नक्सलियों का मकसद क्या हो सकता है?
लोगों को जंगल से दूर रखने की रणनीति
सुरक्षाबलों की इंटेलिजेंस नेटवर्क को कमजोर करना
इलाके में डर का माहौल कायम रखना
📌 IG ने साफ कहा है कि प्रशासन और पुलिस किसी भी हाल में पीछे नहीं हटेगी। आम लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
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