: B.Ed सहायक शिक्षकों का प्रदर्शन, पुलिस के साथ झूमाझटकी
Wed, Jan 1, 2025
रायपुर
: छत्तीसगढ़ की राजधानी में
B.Ed सहायक शिक्षकों
ने नियुक्तियों की मांग को लेकर
बीजेपी प्रदेश कार्यालय
के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। लंबे समय से नियुक्तियों और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार और विपक्ष पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य
सहायक शिक्षकों ने कहा कि वे वर्षों से
नियुक्तियों और पदोन्नति
के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि शिक्षित युवाओं को बेरोजगारी से बचाने के लिए
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया
जल्द शुरू की जाए।
पुलिस के साथ झड़प
प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिससे
झूमाझटकी
की स्थिति उत्पन्न हो गई। कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
लंबित नियुक्तियों
को शीघ्र पूरा किया जाए।
शिक्षा विभाग में
रिक्त पदों
पर जल्द भर्ती हो।
सहायक शिक्षकों के लिए
समान वेतन
और
भत्ते
लागू किए जाएं।
प्रदर्शनकारियों का बयान
प्रदर्शनकारियों ने कहा:
"हमारे पास बी.एड. जैसी उच्च योग्यता है, लेकिन सरकार हमारी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही। यह हमारी मेहनत और शिक्षा का अपमान है।"
विपक्ष का समर्थन
बीजेपी नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को समर्थन देते हुए कहा कि सरकार को जल्द से जल्द उनकी मांगों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार पर वादा पूरा न करने का आरोप लगाया।
: नए साल पर कबीर पंथ का संत समागम मेला: संस्कृति और भक्ति का संगम
Wed, Jan 1, 2025
रायपुर
: छत्तीसगढ़ में नए साल के शुभ अवसर पर
कबीर पंथ का संत समागम मेला
आयोजित किया गया। इस भव्य आयोजन में राज्य भर से आए अनुयायियों ने अपनी श्रद्धा और आस्था प्रकट की। मेले की शुरुआत भव्य
शोभायात्रा
से हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली।
शोभायात्रा: संस्कृति और एकता का प्रदर्शन
रंग-बिरंगे परिधानों में सजे श्रद्धालु, पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन और भक्ति गीतों के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए। इसमें छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति की अद्भुत छटा बिखरी। शोभायात्रा के दौरान
कबीर पंथ के उपदेशों
और संदेशों को झांकियों के माध्यम से दर्शाया गया।
संतों का प्रवचन और भक्ति सत्र
मेले में आए
कबीर पंथ के संतों
ने समाज को एकता, प्रेम और समर्पण का संदेश दिया। प्रवचनों में संतों ने कहा:
"कबीर जी ने हमेशा सत्य, अहिंसा और समानता का मार्ग दिखाया। हमें उनके उपदेशों को अपने जीवन में उतारना चाहिए।"
मुख्य आकर्षण
सांस्कृतिक कार्यक्रम
:
मेले में पारंपरिक लोक नृत्य और गीतों का आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
सामूहिक भंडारा
:
श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई, जहां हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
सामाजिक संदेश
:
मेले में
साफ-सफाई
,
शिक्षा
और
भ्रातृत्व
को बढ़ावा देने के संदेश दिए गए।
संत समागम मेला का महत्व
कबीर पंथ का यह मेला न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और मानवता की सेवा का प्रतीक है।
: नए साल की शुरुआत सर्दी के सितम से: कड़ाके की ठंड और घना कोहरा
Wed, Jan 1, 2025
नई दिल्ली
: साल 2025 का पहला दिन उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के साथ शुरू हुआ। कई जगहों पर तापमान गिरकर रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। ठिठुरन और दृश्यता की कमी के कारण यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ा।
ठंड और कोहरे का हाल:
कड़ाके की ठंड
: उत्तर भारत के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान
3°C से 5°C
के बीच दर्ज किया गया।
घना कोहरा
: पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, और बिहार में कोहरे की चादर के कारण सड़क हादसों और ट्रेनों की देरी की खबरें सामने आईं।
यात्रा पर असर
: कोहरे के कारण फ्लाइट्स और ट्रेनें घंटों लेट रहीं, वहीं सड़कों पर वाहनों को हेडलाइट के सहारे धीमी गति से चलना पड़ा।
अलाव बना सहारा
कई शहरों और गांवों में प्रशासन ने ठंड से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थलों पर
अलाव
की व्यवस्था की। लोग गर्म कपड़े और हीटर का सहारा लेकर सर्दी से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे के इसी तरह बने रहने की संभावना जताई है। विभाग ने
कोल्ड वेव
को लेकर कई राज्यों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
किसानों के लिए मुश्किलें
घने कोहरे और पाले के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों ने किसानों को सावधानी बरतने और फसलों की सुरक्षा के उपाय अपनाने की सलाह दी है।