बालोद में पंचायत सचिवों का अनोखा विरोध प्रदर्शन हुआ है. नगाड़ा और ढोल : छत्तीसगढ़ में अनोखा विरोध प्रदर्शन: नगाड़ा बजाकर पंचायत सचिवों ने मांगी 'मोदी की गारंटी'
छत्तीसगढ़ में पंचायत सचिवों का आंदोलन अब नया मोड़ ले चुका है। इस बार उनका प्रदर्शन नारेबाजी या धरने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने नगाड़ा बजाकर सरकार से अपनी मांगों की "गारंटी" मांगी है — और वो भी सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से।
🔔 क्या है मामला?
राज्य भर के पंचायत सचिव लंबे समय से स्थायीकरण, वेतनमान और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। लेकिन अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए अब उन्होंने 'नगाड़ा बजाओ, गारंटी पाओ' जैसे अनोखे तरीके को अपनाया है।
📢 क्या बोले पंचायत सचिव?
प्रदर्शन कर रहे सचिवों का कहना है कि:
"जब हर काम में 'मोदी की गारंटी' दी जाती है, तो हमारे भविष्य की भी गारंटी पीएम मोदी ही दें।"
वे चाहते हैं कि प्रधानमंत्री खुद हस्तक्षेप कर उनकी नौकरी की स्थिरता और सम्मानजनक वेतन की गारंटी दें।
📍 कहां हुआ ये प्रदर्शन?
यह अनोखा विरोध प्रदर्शन राजधानी रायपुर में हुआ, जहां सचिव पारंपरिक वाद्य यंत्रों, नगाड़ों और ढोल के साथ सड़क पर उतरे और अपनी मांगों को लेकर सरकार को जगाने की कोशिश की।
🧾 मुख्य मांगे:
संविदा नहीं, स्थायी नौकरी
केंद्र की तर्ज पर वेतनमान
सेवा शर्तों में सुधार
पेंशन योजना लागू करना
यह विरोध प्रदर्शन न केवल अपने अनोखे अंदाज़ के कारण सुर्खियों में है, बल्कि यह सरकार के लिए भी एक चुनौती बन गया है। देखना यह होगा कि क्या नगाड़ों की यह गूंज दिल्ली तक पहुंचेगी?
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