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छत्तीसगढ़ में नए शिक्षा सत्र की तैयारी तेज : निजी स्कूलों के लिए किताब वितरण कैलेंडर जारी

Media Yodha Desk Sun, Jun 14, 2026

रायपुर : छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले निजी विद्यालयों को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज हो गई है। लंबे इंतजार के बाद छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम ने राज्यभर के निजी स्कूलों के लिए किताब वितरण कार्यक्रम जारी कर दिया है। निर्धारित योजना के अनुसार कक्षा 1 से 10वीं तक की हिंदी और अंग्रेजी माध्यम की पाठ्यपुस्तकों का वितरण 23 जून से 13 जुलाई के बीच किया जाएगा। निगम के अनुसार इस अभियान के तहत राज्य के करीब 7,890 निजी विद्यालयों तक पुस्तकें पहुंचाई जाएंगी। इसके लिए लगभग 55 लाख पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया जाना है, ताकि विद्यार्थियों को समय पर अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सके।

12 केंद्रों से होगी पुस्तकों की आपूर्ति
पुस्तक वितरण के लिए राज्यभर में 12 स्थायी और अस्थायी डिपो बनाए गए हैं। इनमें रायपुर, राजनांदगांव, बिलासपुर, रायगढ़, जगदलपुर और अंबिकापुर के स्थायी पुस्तक भंडार शामिल हैं। वहीं रायपुर लालपुर, रायपुर सरोना, दुर्ग, बलरामपुर, कांकेर और बिलासपुर के अस्थायी केंद्रों से भी स्कूलों को किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी।

रायपुर के 947 निजी स्कूलों को मिलेगा लाभ
रायपुर जिले के चार विकासखंडों में संचालित 947 निजी विद्यालयों को 25 जून से 12 जुलाई के बीच पाठ्यपुस्तकें वितरित की जाएंगी। रायपुर मुख्य डिपो से रायपुर और बलौदाबाजार जिले के कुल 1,201 स्कूलों को पुस्तकें उपलब्ध कराई जानी हैं। इसके अलावा सरोना स्थित केंद्र से धमतरी और बेमेतरा जिले के 417 विद्यालयों तथा लालपुर डिपो से महासमुंद और गरियाबंद जिले के 356 निजी स्कूलों को किताबें वितरित की जाएंगी। वितरण कार्य को सुचारू रखने के लिए अतिरिक्त समय भी निर्धारित किया गया है।

तय तारीख पर नहीं पहुंचे तो करना होगा इंतजार
पाठ्यपुस्तक निगम ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक जिले और विकासखंड के लिए अलग-अलग समय-सारणी बनाई गई है। यदि किसी विद्यालय का प्रतिनिधि निर्धारित तिथि पर पुस्तक लेने नहीं पहुंचता है, तो उसे संबंधित डिपो की पूरी कार्ययोजना समाप्त होने के बाद ही किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं यदि किसी तकनीकी या प्रशासनिक कारण से निर्धारित दिन वितरण नहीं हो पाता है, तो संबंधित डिपो प्रभारी विद्यालय को टोकन जारी करेगा और अगले दिन प्राथमिकता के आधार पर पुस्तकों का वितरण किया जाएगा।

समय पर किताबें पहुंचाने पर फोकस
नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए पाठ्यपुस्तक निगम ने वितरण प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से तैयार किया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी निजी विद्यालयों तक निर्धारित समय में किताबें पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो और सत्र सुचारू रूप से संचालित हो सके।

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