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PM E-Bus Service : छत्तीसगढ़ के चार शहरों में शुरू होगी ई-बस सेवा, जानें कितनी बसें मिलेंगी और कहां होंगे स्टॉपेज

Media Yodha Desk Sun, Oct 18, 2026

PM E-Bus Service: छत्तीसगढ़ के चार प्रमुख शहरों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए पीएम ई-बस सेवा शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। योजना के तहत रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इन बसों में यात्रियों को डिजिटल टिकटिंग, मोबाइल एप से लाइव लोकेशन, मासिक पास और डिजिटल डिस्प्ले जैसी सुविधाएं मिलेंगी। चारों शहरों में रूट और बस स्टॉपेज तय करने के लिए ऑनलाइन सर्वे के माध्यम से लोगों की राय भी ली गई थी। अब नगर निगम स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच रही हैं।

किस शहर को कितनी पीएम ई-बसें मिलेंगी?

योजना के तहत चार शहरों में बसों का वितरण इस प्रकार निर्धारित किया गया है:

  • रायपुर: 100 ई-बसें

  • दुर्ग-भिलाई: 50 ई-बसें

  • बिलासपुर: 50 ई-बसें

  • कोरबा: 40 ई-बसें

इस तरह प्रदेश के चार शहरों में कुल 240 पीएम ई-बसें संचालित की जाएंगी। बसों के संचालन के लिए डिपो, चार्जिंग स्टेशन और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

रायपुर में जरवाय में बन रहा आधुनिक बस डिपो

राजधानी रायपुर में पीएम ई-बस सेवा के तहत 100 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है। इनके रखरखाव और चार्जिंग की व्यवस्था के लिए जरवाय में आधुनिक बस डिपो और टर्मिनल कॉम्प्लेक्स तैयार किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यहां निर्माण कार्य लगभग 50 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

वहीं, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में भी बसों के संचालन से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं पर काम किया जा रहा है। इन शहरों में तैयारियां अपेक्षाकृत आगे बताई जा रही हैं।

बिलासपुर में नवंबर से शुरू हो सकता है संचालन

बिलासपुर नगर निगम ने 50 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारियां तेज कर दी हैं। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार, नवंबर 2026 तक 20 बसें और दिसंबर तक सभी 50 बसें चलाने की योजना है।

बसों के बेड़े में 35 फुल साइज और 15 मिनी बसें शामिल होंगी। शहर की सड़कों को ध्यान में रखते हुए बसों के डिजाइन और ग्राउंड क्लीयरेंस पर भी ध्यान दिया गया है।

419 किलोमीटर नेटवर्क पर चलेंगी बसें

बिलासपुर में ई-बस सेवा के लिए लगभग 419 किलोमीटर लंबे नेटवर्क पर 15 रूट निर्धारित किए गए हैं। इससे शहर के साथ आसपास के क्षेत्रों तक आवागमन आसान बनाने का लक्ष्य है। प्रस्तावित कनेक्टिविटी में रतनपुर, खूंटाघाट, कोटा, कानन पेंडारी और तखतपुर जैसे क्षेत्रों को जोड़ने की योजना शामिल है।

नगर निगम के अनुसार, एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर एक ई-बस लगभग 160 किलोमीटर तक चल सकती है। इससे शहरी और उपनगरीय क्षेत्रों के बीच सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है।

कोनी में आठ करोड़ रुपये से बन रहा केंद्रीय डिपो

बिलासपुर के कोनी में बसों की चार्जिंग और रखरखाव के लिए लगभग आठ करोड़ रुपये की लागत से केंद्रीय डिपो कॉम्प्लेक्स विकसित किया जा रहा है। यहां चार्जिंग पॉइंट, वर्कशॉप, बिजली आपूर्ति के लिए पावर सब-स्टेशन और कार्यालय जैसी सुविधाएं तैयार की जा रही हैं।

योजना में 28 फास्ट चार्जिंग पॉइंट बनाने का प्रावधान है, जिनकी मदद से एक साथ 28 बसों को चार्ज किया जा सकेगा। इसके अलावा बसों की धुलाई में पानी बचाने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट, चालकों और कर्मचारियों के विश्राम की व्यवस्था, पार्किंग और हरित क्षेत्र भी विकसित किए जा रहे हैं।

यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक डिजिटल सुविधाएं

पीएम ई-बसों में यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रस्तावित सुविधाओं में शामिल हैं:

  • लाइव लोकेशन: मोबाइल एप के जरिए बस की वर्तमान स्थिति और स्टॉप पर पहुंचने का अनुमानित समय देखा जा सकेगा।

  • ई-टिकटिंग: एप के माध्यम से टिकट बुक करने और मासिक पास बनवाने की सुविधा मिलेगी।

  • डिजिटल भुगतान: कंडक्टरों के पास एंड्रॉइड आधारित ई-टिकटिंग मशीन होगी, जिससे यूपीआई से भुगतान किया जा सकेगा।

  • डिजिटल डिस्प्ले: बसों में लगे डिजिटल बोर्ड पर यात्रियों को जरूरी जानकारी मिलेगी।

  • वॉइस अनाउंसमेंट: हिंदी और अंग्रेजी में अगले स्टॉप की घोषणा की जाएगी।

इन सुविधाओं से यात्रियों को बसों की जानकारी प्राप्त करने और यात्रा की योजना बनाने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों के पास होंगे स्टॉपेज

चारों शहरों में यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बस रूट और स्टॉपेज निर्धारित किए गए हैं। स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और अन्य प्रमुख स्थानों तक पहुंच आसान बनाने पर जोर दिया गया है।

बसों के संचालन के लिए ड्राइवर, कंडक्टर, टिकटिंग और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। हालांकि, सभी स्टॉपेज की विस्तृत सूची और प्रत्येक शहर में बस सेवा शुरू होने की अंतिम तारीख की जानकारी संबंधित नगर निगमों की आधिकारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होगी।

पीएम ई-बस सेवा शुरू होने से चारों शहरों में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने, यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं देने और इलेक्ट्रिक बसों के जरिए आवागमन को बढ़ावा देने की उम्मीद है।

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