27th July 2026

BREAKING NEWS

आकाश गुरुदीवान फिर बने महासचिव; बिलासपुर के बैमा नगोई के है निवासी

SSP भोजराम पटेल के निर्देशन में पुलिस की बड़ी सफलता

CGSSB ने निकाली 2292 सहायक शिक्षक भर्ती, ऐसे करें आवेदन

BLO बनकर आ रहा फर्जी कॉल, एक OTP से उड़ सकती है आपकी मेहनत की कमाई

भीड़भाड़ में जाने से पहले जानें H1N1 के शुरुआती लक्षण और बचाव के तरीके

Advertisment

रायपुर : छत्तीसगढ़: DSP की पत्नी का नीली बत्ती वाली गाड़ी पर जन्मदिन मनाना बना विवाद, हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

छत्तीसगढ़ में एक पुलिस अधिकारी की पत्नी द्वारा नीली बत्ती लगी सरकारी गाड़ी के बोनट पर बैठकर जन्मदिन मनाने का मामला सोशल मीडिया पर तूल पकड़ चुका है। वायरल वीडियो के बाद जहां आम लोगों में आक्रोश देखने को मिला, वहीं अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस पूरे प्रकरण पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। नीली बत्ती वाली गाड़ी पर मनाया जन्मदिन, वीडियो हुआ वायरल

यह मामला बलरामपुर जिले के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) तस्लीम आरिफ से जुड़ा है, जो वर्तमान में बारहवीं बटालियन में पदस्थ हैं। बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी ने एक होटल के सामने नीली बत्ती लगी गाड़ी के बोनट पर बैठकर जन्मदिन का सेलिब्रेशन किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

वीडियो में देखा जा सकता है कि गाड़ी की छत और बोनट को सजाया गया है और महिला गुलाबी ड्रेस में केक काट रही है। यह घटना अंबिकापुर के एक होटल के बाहर की बताई जा रही है।

वायरल वीडियो पर मचा हंगामा, अज्ञात चालक पर FIR

वीडियो के वायरल होते ही कई लोगों ने इसे सरकारी गाड़ी के दुरुपयोग और वीआईपी कल्चर से जोड़ते हुए विरोध जताया। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कार चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 177 (गलत जानकारी देना), 184 (लापरवाही से वाहन चलाना), और 281 (सार्वजनिक मार्ग पर बाधा उत्पन्न करना) के तहत केस दर्ज किया गया है।
हालांकि, अभी तक चालक अज्ञात बताया गया है और डीएसपी पत्नी को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है कि उनके खिलाफ कार्रवाई हुई या नहीं।

हाईकोर्ट ने जताई गंभीरता, मुख्य सचिव से मांगा शपथपत्र

शुक्रवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने इस मामले में सुनवाई शुरू की। कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि वह शपथपत्र के माध्यम से यह स्पष्ट करें कि इस मामले में अब तक क्या कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन