14th October 2026

BREAKING NEWS

फ्रैंकफर्ट से दिल्ली जा रहे विमान की जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग

जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत, जेल भेजे गए

सब इंस्पेक्टर ने सर्विस गन से खुद को गोली मारी; उपचार के दौरान तोड़ा दम

छत्तीसगढ़ में 15 अक्टूबर से बदलेगा मौसम, गरज-चमक के साथ तेज हवा और बिजली गिरने की संभावना

48 घंटे के भीतर हाई स्कूल से सरिया चोरी करने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल

Advertisment

CG Engineering Seats Reduced : छत्तीसगढ़ में इंजीनियरिंग शिक्षा को झटका… 3 कॉलेज बंद, 1000 सीटें होंगी कम

Media Yodha Desk Sat, Jun 20, 2026

CG Engineering Seats Reduced: प्रदेश में तकनीकी शिक्षा का दायरा लगातार सिमटता जा रहा है। एक दशक पहले जहां छत्तीसगढ़ में 38 इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित होते थे, वहीं अब इनकी संख्या और घटने जा रही है। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) की कार्यपरिषद ने तीन इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रोग्रेसिव क्लोजर को मंजूरी दे दी है।

इसके तहत छत्तीसगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज धनोरा दुर्ग, कोलंबिया इंस्टीट्यूट (रायपुर) और कृष्णा विकास इंजीनियरिंग कॉलेज (रायपुर) नए शैक्षणिक सत्र से प्रवेश प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। इससे प्रदेश में इंजीनियरिंग की लगभग एक हजार सीटें कम हो जाएंगी। इन संस्थानों ने स्वयं सीट इनटेक शून्य करने का आवेदन दिया था, जिसे कार्यपरिषद ने स्वीकृति प्रदान कर दी। अब ये कॉलेज डीटीई की काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे और प्रथम वर्ष में नए प्रवेश नहीं ले सकेंगे। इनमें से दो संस्थानों के निजी विश्वविद्यालय के रूप में परिवर्तित होने की भी संभावना है।

कार्यपरिषद ने राजनांदगांव के योगांतर इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्ण बंदी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को सीएसवीटीयू की निगरानी में अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए विवि विशेष काउंसलिंग आयोजित करेगा, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

जांच के दौरान मिली गंभीर कमियां

संबद्धता निरीक्षण के दौरान अहिवारा के आईबीटी पॉलिटेक्निक, मनसा पॉलिटेक्निक और मेदुका स्थित आयुष पॉलिटेक्निक में गंभीर कमियां पाई गईं। निरीक्षण टीम को शिक्षकों की कमी, प्रयोगशालाओं का अभाव और 33 से अधिक अन्य खामियां मिलीं। इसके बाद इन तीनों संस्थानों को इस वर्ष के लिए जीरो इनटेक कर दिया गया है। यानी वे नए छात्रों को प्रवेश नहीं दे सकेंगे। संस्थानों को एक वर्ष के भीतर कमियां दूर कर पुन: आवेदन करने के निर्देश दिए गए हैं।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन