14th October 2026

BREAKING NEWS

CAF जवान का अपहरण कर बनाया बंधक, मारपीट के बाद स्टाम्प पेपर पर जबरन कराए हस्ताक्षर; महिला और ड्राइवर गिरफ्तार

मुंगेली में गरबा महोत्सव और जगराता के दौरान पुलिस की साइबर जागरूकता पहल, SSP भोजराम पटेल ने प्रतिभागियों को किया जागरूक

जानिए मैच का समय और टिकट बुकिंग की पूरी जानकारी

फ्रैंकफर्ट से दिल्ली जा रहे विमान की जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग

जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत, जेल भेजे गए

Advertisment

Chhattisgarh News : छात्रावासों में अनियमितता पर प्रशासन सख्त, भृत्य और अधीक्षक निलंबित

Media Yodha Desk Sat, Jun 27, 2026

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के संकल्प के अनुरूप सुकमा जिले में छात्रावासों एवं आश्रमों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने जिला प्रशासन सक्रिय है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 प्रारंभ होने से पहले कलेक्टर के नेतृत्व में छात्रावासों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें लापरवाही और अव्यवस्था पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए भृत्य और अधीक्षक को निलंबित किया गया।

25 जून को कलेक्टर एवं सहायक आयुक्त द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में कई छात्रावासों एवं आश्रमों में साफ-सफाई की कमी, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की अनुपस्थिति तथा संचालन में लापरवाही जैसी गंभीर कमियां पाई गईं। पूर्व में समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के बावजूद सुधार नहीं होने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया।

निरीक्षण के दौरान मिली अनियमितताओं के आधार पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध निलंबन तथा प्रभार से पृथक करने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दायरे में कन्या आश्रम दुब्बाटोटा की अधीक्षिका सुशीला कवासी, प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास दुब्बाटोटा के अधीक्षक पुनेम हिरमा, पोस्ट-मैट्रिक कन्या छात्रावास की अधीक्षिका सविता यादव तथा प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के श्री भोजराज ठाकुर शामिल हैं। छात्रावासों का संचालन प्रभावित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने तत्काल वैकल्पिक अधिकारियों को जिम्मेदारी भी सौंप दी है।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि छात्रावासों और आश्रमों में अध्ययनरत बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और सुविधाओं के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन की मंशा के अनुरूप सभी संस्थाओं में गुणवत्तापूर्ण व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

जिला प्रशासन की यह कार्रवाई शासकीय छात्रावासों और आश्रमों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे व्यवस्थाओं में सुधार आएगा, अनुशासन मजबूत होगा और विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सुशासन की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन