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स्वतंत्रता दिवस से पहले 101 आजीवन कैदियों को मिली आजादी, अच्छे आचरण पर शासन ने किया रिहा

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CG News : स्वतंत्रता दिवस से पहले 101 आजीवन कैदियों को मिली आजादी, अच्छे आचरण पर शासन ने किया रिहा

Media Yodha Desk Fri, Aug 14, 2026

CG News: स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रदेश की जेलों में बंद 101 आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों के लिए आजादी की नई सुबह आई है। शासन की पहल पर अच्छे आचरण और जेल में संतोषजनक व्यवहार के आधार पर इन बंदियों को निर्धारित सजा अवधि पूरी होने से पहले रिहा किया गया। इनमें केंद्रीय जेल जगदलपुर के पांच कैदी भी शामिल हैं। इन सभी को हत्या के मामलों में आजीवन कारावास की सजा हुई थी और अब वे जेल से बाहर निकलकर सामान्य जीवन की नई शुरुआत करेंगे।

इन कैदियों को मिली रिहाई

जगदलपुर केंद्रीय जेल से रिहा होने वालों में करटामी रामा पिता हिडमा (69) निवासी दरभा, विभूति भूषण साहू पिता विनोद चंद्र (42) निवासी नाल्को ओडिशा, मेहर सिह पिता अग्नू दुग्गा (35) निवासी दुर्गूकोंदल, बुधराम पिता सुखदेव (36) निवासी छिंदनार, गीदम और वीरेंद्र नरेटी पिता भानुराम (46) निवासी बडग़ांव, कांकेर शामिल हैं। जेल विभाग के अनुसार इन बंदियों की रिहाई नियम 318 के तहत अच्छे आचरण के आधार पर समयपूर्व रिहाई के प्रावधान के तहत की गई है। लंबे समय तक जेल में रहने के दौरान इनके व्यवहार, आचरण और सुधारात्मक गतिविधियों में सहभागिता को भी रिहाई की प्रक्रिया में आधार बनाया गया।

सजा के साथ सुधार पर जोर

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर की गई यह रिहाई जेलों में केवल दंड की व्यवस्था के बजाय सुधार और पुनर्वास की अवधारणा पर केन्दित है। अच्छे आचरण वाले बंदियों को समयपूर्व रिहाई का अवसर देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने का मौका दिया गया है। अब इन बंदियों के सामने जेल की जिंदगी से बाहर निकलकर परिवार और समाज के बीच नए सिरे से जीवन शुरू करने का मौका है- अक्षय तिवारी, केन्द्रीय जेल अधीक्षक जगदलपुर

बिलासपुर से सबसे ज्यादा 29 कैदी रिहा

छत्तीसगढ़ की पांच केंद्रीय जेलों से रिहा किए गए 101 कैदियों में सबसे ज्यादा 29 बंदी केंद्रीय जेल बिलासपुर से हैं। इसके बाद केंद्रीय जेल रायपुर से 23, दुर्ग से 21, अंबिकापुर से 16 और जगदलपुर से 5 आजीवन कारावास के कैदियों को समयपूर्व रिहाई दी गई है।

रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा हुए 9 कैदी

वहीं 15 अगस्त से पहले रायपुर सेंट्रल जेल से 1 महिला समेत 9 कैदियों को रिहा किया गया है। सभी हत्या के केस में उम्र कैद की सजा काट रहे थे। जेल से निकलते वक्त सभी कैदियों के हाथ में गीता थी। कुछ के परिवार वाले लेने आए थे। तो कुछ अकेले अपने बाकी का सफर पूरा करने निकल पड़े। जेल से रिहा होने के बाद कुछ कैदियों ने बस इतना कहा कि बाकी जिंदगी अच्छे से गुजारनी है। तो कुछ सिर्फ मुस्कुरा कर आगे बढ़ गए। सब खुश थे। लेकिन खुशी का इजहार कर पाएं इतने शब्द नहीं थे।

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